Sunday, 24 August 2025

boond ki payal

 ब्ूंाद की पायल


हवा ने बदली के गुलगुली मचाई

खिल खिल खिल बदली खिलखिलाई

बदली की दूध भरी मटकी छलछलाई

धरती ने बूंदों की पायल  बनाई

छम छम छम छम करती इतराई

टप टप टप टप ढोलक  बजाई

फूलों ने रंगभरी चूनर लहराई

बजने लगी डालों की मीठी शहनाई

हवा ने बदली के गुलगुली मचाई