आधुनिक सीता
ऽ रावण को दिखाकर
कराटे का दांव
अनेक रामयणांे को
जन्म देने से बचाकर
हम छात्र छात्राओं पर
करती है एहसान
अनुभव सिखाता है
ठीक निर्णय लेना
अनुभव आता है
गलत निर्णय लेने के बाद।
असंख्य बादलों में से
एक नन्हा बादल का टुकड़ा
सोचता हुआ
मेरे ही जल से पृथ्वी
हरियाली से भर गई
दरख्तों के काले साये में
झांकता नन्हा सितारा
दुःख भरे जीवन में
आशा का क्षीण इशारा
वो मारा
करनी थी हीरोइन को विलेन की ठुकाई
एक ही घूसे में हथेली झनझनाई
हाय, हाय कर बैठ गई
मुझसे नहीं होता, कह ऐंठ गई
देख निर्देशक उसके कान में फुसफसाया
सुनकर भवों पर तनाव आया।
फिर तो हीराइन ने वो शॉट दिये
वास्तविक से लगे सब ओके हुए
ठंाय ठूं ठांय ठूं मुक्के पर मुक्के
लात घूसे चलाये कसके दिये धक्के
सब हो गये इस चमत्कार से दंग
पूछा निर्देशक से क्या, जमाया रंग
कुछ, नहीं हीरोइन को यह बतलाया
समझो पराई औरत मिलकर पति घर आया
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